1. Pax Silica क्या है?
Pax Silica एक अमेरिका-नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षित, नवाचार-संचालित और भरोसेमंद सिलिकॉन (सिलिका) आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है — खासकर AI, सेमीकंडक्टर, उच्च-तकनीकी निर्माण और आपूर्ति सुरक्षा के क्षेत्रों में।
यह नाम दो शब्दों से बना है:
- Pax = लैटिन में “शांति, स्थिरता और दीर्घकालिक समृद्धि”
- Silica = सिलिकॉन की मूल सामग्री, जो कंप्यूटर चिप्स और AI हार्डवेयर का आधार है।
2. Pax Silica का उद्देश्य और महत्व
Pax Silica पहल का केंद्र है:
वैश्विक तकनीकी सप्लाई चेन को मजबूत बनाना
चीन-आधारित निर्भरताओं को कम करना
AI, सेमीकंडक्टर और उन्नत निर्माण में सहयोग को बढ़ाना
भरोसेमंद और विविध आपूर्ति नेटवर्क की स्थापना करना
आर्थिक और तकनीकी सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा मानना
3. Pax Silica समूह के सदस्य देश
डिसेम्बर 2025 तक Pax Silica में शामिल देशों की सूची इस प्रकार है:
अमेरिका (lead)
जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर
नीदरलैंड्स, यूनाइटेड किंगडम
इज़राइल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
ऑस्ट्रेलिया
ये वे देश हैं जिनके पास ऊँची तकनीक, सेमीकंडक्टर उद्योग और महत्वपूर्ण निवेश मौजूद हैं, और जो AI व चिप सप्लाई चेन के लिए बहुत अहम हैं।
4. भारत का स्थान: शामिल है या नहीं?
भारत फिलहाल Pax Silica समूह में शामिल नहीं है। अनेक रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका-नेतृत्व वाली इस पहल में भारत को जगह नहीं दी गई है।
भारत के ना होने के मुख्य कारण (विश्लेषण आधारित):
- Pax Silica खुद को एक “विश्वसनीय सप्लाई-चेन को-क्रिएटर” के रूप में देखता है — ऐसे देशों के साथ जो तकनीकी उत्पादन और उच्च-स्तरीय चिप निर्माण में अग्रणी हैं। भारत अभी तक इस पूरी श्रृंखला में उतना बड़ा योगदान नहीं देता माना जाता।
- भारत ने पहले Pax Silica शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लिया लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत को भविष्य में पार्टनर नहीं मानते।
संभावना: अमेरिका और भारत के बीच बातचीत जारी है ताकि भारत Pax Silica समूह में शामिल हो सके — संभवतः 2026 के पहले हिस्से में।
5. Pax Silica के भू-राजनीतिक प्रभाव
🇺🇸 अमेरिका की स्ट्रैटेजिक सोच
अमेरिका Pax Silica को चीन के तकनीकी प्रभुत्व को संतुलित करने, भरोसेमंद सप्लाई-चेन गठबंधन बढ़ाने और उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती देने के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
🇮🇳 भारत का दृष्टिकोण
भारत को फिलहाल समूह में नहीं रखा गया है, लेकिन यह बातचीत का हिस्सा बना हुआ है। कुछ विश्लेषक कहते हैं कि भारत के पास बड़े उपभोक्ता बाज़ार के रूप में मूल्य है और वह भविष्य में समूह में शामिल हो सकता है।
6. Pax Silica, supply chains और भविष्य
Pax Silica सिर्फ गठबंधन नहीं है — यह सिलिकॉन-AI-सेमीकंडक्टर सप्लाई-चेन को संरक्षित करने और विकसित करने वाले देशों का एक नया मंच है। यदि भारत इसमें शामिल होता है, तो उसकी global tech ecosystem में हिस्सेदारी और रणनीतिक भूमिका और मजबूत होगी।
निष्कर्ष
Pax Silica एक अमेरिका-नेतृत्व वाली टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन साझेदारी है जो आज के AI और सेमीकंडक्टर-युग में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नए रूप में परिभाषित कर रही है।
भारत वर्तमान में इस समूह में शामिल नहीं है, लेकिन भविष्य में शामिल होने की संभावनाएँ बनी हुई हैं, जो दोनों देशों के तकनीकी व आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।